संदेश

Motivation लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

क्या मैं अपने टीनेज [ किशोर ] में कूल था?

चित्र
  क्या मैं अपने टीनेज में कूल था? एक सच्ची और दिल से जुड़ी झलक जब मैं किशोर (Teenager) था, तब "कूल" होने का मतलब हर किसी के लिए अलग-अलग होता था। किसी के लिए इसका मतलब था स्टाइलिश कपड़े पहनना, किसी के लिए हर ट्रेंड में सबसे आगे रहना। कुछ के लिए ये दोस्तों की बड़ी टोली का हिस्सा होना था, तो कुछ के लिए सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की गिनती। लेकिन अगर आप मुझसे पूछें — क्या मैं कूल था? तो जवाब थोड़ा उलझा हुआ है, या यूँ कहें कि कई परतों में लिपटा हुआ है। मैं और मेरा शांत स्वभाव मैं हमेशा एक अंतर्मुखी (introvert) रहा हूँ। मुझे पार्टीज़ या भीड़भाड़ वाली जगहों से ज़्यादा शांति पसंद थी — एक कोना, एक किताब, और मेरे विचारों की दुनिया। जहाँ बाकी लोग मस्ती कर रहे होते, मैं खिड़की के पास बैठकर कुछ सोचता रहता। मैं "ट्रेंड" से थोड़ा अलग था — न ब्रांडेड जूते, न ही स्मार्टफोन का क्रेज। स्कूल में भी मैं वो छात्र था जो अध्यापकों से ज़्यादा बातचीत करता था, बजाय क्लास के सबसे "फेमस" ग्रुप का हिस्सा बनने के। लेकिन मुझे अपने सपनों से एक अलग ही लगाव था। मैं उन चीज़ों में डूबा रहता था जो...